Sunday, July 29, 2012

शिवाष्टक


                  
जयशिवशंकर,जयगंगाधर, करुणाकर करतार हरे,
जयकैलाशी, जय अविनाशी, सुखराशी, सुखसार हरे|
जय शशिशेखर,जय डमरूधर,जय जय प्रेमागार हरे,
जयत्रिपुरारी,जय मदहारी,अमित अनंत अपार हरे|
निर्गुण जयजय,सगुण अनाभय,निराकार साकार हरे,
पार्वती पति हर हर शम्भो  पाहि पाहि दातार हरे|
जयरामेश्वर,जयनागेश्वर,बैद्यनाथ, केदार हरे,
मल्लिकार्जुन, सोमनाथ, जय महाकाल, ओमकार हरे|
त्रयम्बकेश्वर,जय घुश्मेश्वर, भीमेश्वर जगतार हरे,
काशी- पति श्री विश्वनाथ, जय मंगल अधहार हरे|
नीलकंठ,जय भूतनाथ, जय मृत्युन्जय अविकार हरे|
पार्वती पति हर हर शम्भो पाहि पाहि दातार हरे,
जयमहेश जयजयभवेश,जयआदिदेवमहादेवविभो|
किसमुखसे,हे गुणातीत,प्रभुतुम्हारा अपार गुण वर्णन हो,
जयभवतारक, तारक-हारक, पातक-दारक, शिवशम्भो|
दीनदुःखहर, सर्वसुखाकर, प्रेमसुधाकर दया करो,
पार लगा दो भव सागर से, बनकर कर्णाधार हरे|
पार्वती पति हर हर शम्भो पाहि पाहि दातार हरे,
जयमनभावन,अतिपावन,शोकनाशवानशिवशम्भो,
विपत विदारण,अधम उबारन,सत्यसनातन शिव शम्भो,
सहजवचनहर,जलजनयनवर,धवलवरणतनशिवशम्भो|
मदनकदनकर,पापहरनहर,चरनमननधनशिव शम्भो,
विवसन, विश्वरूप, प्रलयंकार,जग के मूलाधार हरे|
पार्वती पति हर हर शम्भो पाहि पाहि दातार हरे,
भोलानाथकृपालु दयामय,औढर दानी शिव योगी|
निमिष मात्र में दे देते हैं,नवनिधि मनमानी शिवयोगी,
सरलह्रदय, अतिकरुणासागर, अकथकहनी शिवयोगी|
भक्तों पर सर्वस्य लुटाकर, बने मसानी शिव योगी,
स्वयंअकिंचन, जगमगरंजन, पर शिव परम उदार हरे|
पार्वती पति हर हर शम्भो पाहि पाहि दातार हरे,
विषयों की विषम वेदना से मायाधीश छुडा देना|
रूप सुधा की एक बूंद से, जीवन मुक्त बना देना,
दिव्यज्ञानभण्डार युगल चरणों की लगन लगा देना|
एक बार इस मन मंदिर में , कीजे पद संचार हरे,
पार्वती पति हर हर शम्भो पाहि पाहि दातार हरे,
दानी हो दो भिक्षा में अपनी अनपायनी भक्ति प्रभु,
शक्तिमान हो, दो अविचल निष्काम प्रेम की शक्ति प्रभो|
त्यागी हो,इस असार संसार से पूर्ण प्रभु,
परम पिता हो, दो तुम अपने चरणों में अनुरक्ति प्रभो|
स्वामीहो सुनलेनानिजसेवक की करूणपुकार हरे,
पार्वती पति हर हर शम्भो पाहि पाहि दातार हरे,
तुम बिन बेकल हूँ प्राणेश्वर, आ जाओ भगवंत हरे,
चरण शरण की बांह गहो, हे उमा रमण प्रेमकांत हरे|
विरह व्यथित हूँ , दीन दयाल अनंत हरे,
आओ तुम मेरे हो जाओ, आ जाओ श्रीमंत हरे|
मेरी इस दयनीय दशा पर, कुछ तो करो विचार हरे,
पार्वती पति हर हर शम्भो पाहि पाहि दातार हरे,




Friday, March 16, 2012

FIVE RULES TO REMEMBER IN LIFE

FIVE RULES TO REMEMBER IN LIFE:
1. Money cannot buy happiness, but its more comfortable to cry in a Mercedes than on a bicycle.
2. Forgive your enemy but remember the bastard’s name.
3. Help someone when they are in trouble, and they will remember you when they're in trouble again.
4. Many people are alive only because it’s illegal to shoot them.
5. Alcohol does not solve any problems, but then again, neither does milk.

Hanuman Chalisa