कालसर्प के बारे में बहुत सी भ्रांतियां सुनने को मिलती हैं.कालसर्प योग के बारे में पूरी तरह जानने के लिए इसका विस्तृत अध्ययन बहुत जरुरी है .कालसर्प के बारे में कुछ विद्वानों का मत है कि यह दोष अशुभ फलदायी होता है, जबकि कुछ विद्वान इस दोष को शास्त्र-सम्मत नहीं मानते.क्योंकि संसार के अनेक विद्वान, प्रतिष्ठित एवं राजनेताओं की जन्म कुंडली में यह दोष मौजूद है. उन्होंने इस दोष के होते हुए भी जीवन में कभी अभाव का अनुभव नहीं किया, बल्कि अपने-अपने कार्य क्षेत्र में अपनी प्रतिभा के दम पर सफलता और यश अर्जित किया.इसलिए मात्रा कालसर्प योग सुनकर भयभीत हो जाने की जरूरत नहीं बल्कि उसका ज्योतिषीय विश्लेषण करवाकर उसके प्रभावों की विस्तृत जानकारी हासिल कर लेना ही बुध्दिमत्ता कही जायेगी. जब असली कारण ज्योतिषीय विश्लेषण से स्पष्ट हो जाये तो तत्काल उसका उपाय करना चाहिए.
प्रत्येक मनुष्य कोई न कोई परेशानी से गुजरता है . कालसर्प दोष एक ऐसा नाम है जिससे आज का आम व्यक्ति अच्छी तरह से परिचित है. कुछ लोगों का तो ये हाल है कि जन्म कुंडली देखते ही चौंक पडते है और कह उठते है की तुम्हारी कुंडली में तो कालसर्प-दोष है क्या तुमने इसका कोई उपाय किया या नहीं. अगर सामने वाला व्यक्ति ये कहें कि मुझे तो इसके बारे में कुछ भी नहीं मालुम, मुझे आज तक किसी ने कुछ नहीं बताया या फिर मुझे मालुम तो था किन्तु मैने अभी तक कोई उपाय नहीं किया हैं। इतना सुनते ही कालसर्प-दोष को बताने वाला व्यक्ति सामने वाले व्यक्ति को कालसर्प-दोष के बारे में पूरा भाषण दे डालता है और फिर अनेको उपाय बताने लगता है.
कालसर्प दोष निवारण हेतु कुछ साधारण से उपाय भी हैं जिनसे इस दोष का निवारण किया जा सकता है. यदि पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका में क्लेश हो रहा हो, आपसी प्रेम की कमी हो रही हो तो भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या बालकृष्ण की मूर्ति जिसके सिर पर मोरपंखी मुकुट धारण हो घर में स्थापित करें एवं प्रतिदिन उनका पूजन करें एवं ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय अथवा ऊँ नमो वासुदेवाय कृष्णाय या ॐ नम: शिवाय का यथाशक्ति जाप करे. कालसर्प योग की शांति होगी। यदि कुंडली में कालसर्प दोष है तो नित्य प्रति भगवान शिव के परिवार का पूजन करें. आपके हर काम होते चले जाएँगे.यदि रोजगार में तकलीफ आ रही है अथवा रोजगार प्राप्त नहीं हो रहा है तो पलाश के फूल गोमूत्र में डूबाकर उसको बारीक करें. फिर छाँव में रखकर सुखाएँ. उसका चूर्ण बनाकर चंदन के पावडर में मिलाकर शिवलिंग पर त्रिपुण्ड बनाए.21 दिन या 25 दिन में नौकरी अवश्य मिलेगी. शिवलिंग पर प्रतिदिन मीठा दूध में थोड़ी भाँग डाल दें, फिर इसे शिवलिंग पर चढ़ाएँ इससे गुस्सा शांत होता है, साथ ही सफलता तेजी से मिलने लगती है.यदि शत्रु से भय है तो चाँदी के अथवा ताँबे के सर्प बनाकर उनकी आँखों में सुरमा लगा दें, फिर किसी भी शिवलिंग पर चढ़ा दें, भय दूर होगा व शत्रु का नाश होगा, नारियल के गोले में सप्त धान्य(सात प्रकार का अनाज), गुड़, उड़द की दाल एवं सरसों भर लें व बहते पानी में बहा दें अथवा गंदे पानी में (नाले में) बहा दें, आपका चिड़चिड़ापन दूर होगा। यह प्रयोग राहूकाल में करें. कालसर्प योग वाले श्रावण मास में प्रतिदिन रूद्र-अभिषेक कराए एवं महामृत्युंजय मंत्र की एक माला रोज करें. जीवन में सुख शांति अवश्य आएगी और रूके काम होने लगेंगे.साथ ही साथ शुभ मुहूर्त में बहते पानी में कच्चा कोयला तीन बार प्रवाहित करें.हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें तथा भोजनालय (घर की रसोई )में बैठकर भोजन करें.साथ ही तांबे का बना सर्प विधिवत पूजन के उपरांत शिवलिंग पर समर्पित करें. इससे अनुकूल प्रभाव पड़ेगा और कालसर्प दोष का निवारण होगा.
प्रत्येक मनुष्य कोई न कोई परेशानी से गुजरता है . कालसर्प दोष एक ऐसा नाम है जिससे आज का आम व्यक्ति अच्छी तरह से परिचित है. कुछ लोगों का तो ये हाल है कि जन्म कुंडली देखते ही चौंक पडते है और कह उठते है की तुम्हारी कुंडली में तो कालसर्प-दोष है क्या तुमने इसका कोई उपाय किया या नहीं. अगर सामने वाला व्यक्ति ये कहें कि मुझे तो इसके बारे में कुछ भी नहीं मालुम, मुझे आज तक किसी ने कुछ नहीं बताया या फिर मुझे मालुम तो था किन्तु मैने अभी तक कोई उपाय नहीं किया हैं। इतना सुनते ही कालसर्प-दोष को बताने वाला व्यक्ति सामने वाले व्यक्ति को कालसर्प-दोष के बारे में पूरा भाषण दे डालता है और फिर अनेको उपाय बताने लगता है.
कालसर्प दोष निवारण हेतु कुछ साधारण से उपाय भी हैं जिनसे इस दोष का निवारण किया जा सकता है. यदि पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका में क्लेश हो रहा हो, आपसी प्रेम की कमी हो रही हो तो भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या बालकृष्ण की मूर्ति जिसके सिर पर मोरपंखी मुकुट धारण हो घर में स्थापित करें एवं प्रतिदिन उनका पूजन करें एवं ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय अथवा ऊँ नमो वासुदेवाय कृष्णाय या ॐ नम: शिवाय का यथाशक्ति जाप करे. कालसर्प योग की शांति होगी। यदि कुंडली में कालसर्प दोष है तो नित्य प्रति भगवान शिव के परिवार का पूजन करें. आपके हर काम होते चले जाएँगे.यदि रोजगार में तकलीफ आ रही है अथवा रोजगार प्राप्त नहीं हो रहा है तो पलाश के फूल गोमूत्र में डूबाकर उसको बारीक करें. फिर छाँव में रखकर सुखाएँ. उसका चूर्ण बनाकर चंदन के पावडर में मिलाकर शिवलिंग पर त्रिपुण्ड बनाए.21 दिन या 25 दिन में नौकरी अवश्य मिलेगी. शिवलिंग पर प्रतिदिन मीठा दूध में थोड़ी भाँग डाल दें, फिर इसे शिवलिंग पर चढ़ाएँ इससे गुस्सा शांत होता है, साथ ही सफलता तेजी से मिलने लगती है.यदि शत्रु से भय है तो चाँदी के अथवा ताँबे के सर्प बनाकर उनकी आँखों में सुरमा लगा दें, फिर किसी भी शिवलिंग पर चढ़ा दें, भय दूर होगा व शत्रु का नाश होगा, नारियल के गोले में सप्त धान्य(सात प्रकार का अनाज), गुड़, उड़द की दाल एवं सरसों भर लें व बहते पानी में बहा दें अथवा गंदे पानी में (नाले में) बहा दें, आपका चिड़चिड़ापन दूर होगा। यह प्रयोग राहूकाल में करें. कालसर्प योग वाले श्रावण मास में प्रतिदिन रूद्र-अभिषेक कराए एवं महामृत्युंजय मंत्र की एक माला रोज करें. जीवन में सुख शांति अवश्य आएगी और रूके काम होने लगेंगे.साथ ही साथ शुभ मुहूर्त में बहते पानी में कच्चा कोयला तीन बार प्रवाहित करें.हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें तथा भोजनालय (घर की रसोई )में बैठकर भोजन करें.साथ ही तांबे का बना सर्प विधिवत पूजन के उपरांत शिवलिंग पर समर्पित करें. इससे अनुकूल प्रभाव पड़ेगा और कालसर्प दोष का निवारण होगा.

blog accha hai
ReplyDeleteDear Sir ,
ReplyDeleteMy name is prakash Thakur my DOB is 30-9-1982 and time is 8:50 pm Please chach the kal sarpyoug
धन्यवाद ! श्रीमान जी ! बहुत ही अच्छा लिखा !
ReplyDeleteप्रकाश को चंद्रमा बाहर है, राहू दूसरे स्थान केतु आठवें ,, चंदर १०वें घर में बाहर है,! क्या इसे आंशिक काल सर्प योग कहेंगे ?
ReplyDeletesir ham isi dos ke nivaran ke liye hi nasik jane ki soch rahe hai kya yah sahi rahega .
ReplyDeletesir ham isi dos ke nivaran ke liye hi nasik jane ki soch rahe hai kya yah sahi rahega .
ReplyDeletenasik is the best place fo it
ReplyDeleteSab se achha din kon sa rahega? nivaran ke liye.
ReplyDeleteSab se achha din kon sa rahega? nivaran ke liye.
ReplyDeleteSab se achha din kon sa rahega? nivaran ke liye.
ReplyDeleteSab se achha din kon sa rahega? nivaran ke liye.
ReplyDeleteSab se achha din kon sa rahega? nivaran ke liye.
ReplyDeleteSab se achha din kon sa rahega? nivaran ke liye.
ReplyDeleteSab se achha din kon sa rahega? nivaran ke liye.
ReplyDeletesir, mere kundli mai kalsarpyog bataya gaya hai uske karan mujhe bahut sari mushkil ka samna karna padata hai sare kaam aakhir mai kharab hote hai. kalsarpyog nivaran ke liye sir kuch bataye ?
ReplyDelete