Saturday, September 5, 2009

दया करो ........ ...किच्छ मेहर पावो, डूबते पत्थर तारे ( उद्धार कर दिया )

दिल की गहराइयों मैं उतर जाने वाला भाई हरजिंदर सिंह का गाया यह शबद मुझे बहुत अच्छा लगता है . मैं तो जब भी यह शबद सुनता हूं ,पता नहीं कियूं मेरे आखों से पानी निकलने लगता है.ऐसा लगता है मानो प्रभु के चरणों मैं गिर कर रो रो कर यह प्रार्थना की जा रही हो . हालां की मेरी मातृभाषा पंजाबी है फिर भी इस शबद के कुछ शब्दों का अर्थ तो मुझे भी नहीं मालूम है . लेकिन इसको सुनते समय मेरा ध्यान गुरु / भगवान की ओर हो जाता है. भाई हरजिंदर सिंह ने इसे इतने प्यार से गाया है की मन करता है इसे बार बार सुनता ही रहूँ .आप भी इसे सुने

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